KR SIRJI STUDY MATERIAL
HSSC by krsirji | Haryana GK
Topic: वैदिक सभ्यता / महाभारत काल - Part 2
💬 WhatsApp Free Notes: 9050349906Q19. मनुस्मृति के अनुसार मनुस्मृति किस स्थान पर लिखी गई थी?
उत्तर: पेहोवा (कुरुक्षेत्र)
मनुस्मृति की रचना मनु ने पेहोवा, कुरुक्षेत्र में सरस्वती नदी के किनारे की थी। मनुस्मृति में हरियाणा को ब्रह्मावर्त कहा गया है। ब्रह्मावर्त हरियाणा का पहला प्रादेशिक नाम है। मनुस्मृति में मानव को चार वर्णों में विभाजित किया गया था।
Q20. नरकातारी मौज (नरकातारी तीर्थ) किस नदी के किनारे स्थित है, जिसका उल्लेख महाभारत में है? (HSSC-2016)
उत्तर: सरस्वती नदी
यमुना, सतलुज, गंगा, सरस्वती - उत्तर सरस्वती।
Q21. महाभारत में भीष्म का असली नाम क्या था? (HSSC-2020)
उत्तर: देवव्रत
महाभारत का युद्ध 18 दिन तक अनिर्णायक स्थिति में था। दसवें दिन कौरव सेना के सेनापति भीष्म पितामह को शिखंडी की मदद से अर्जुन ने बाणों की शैया पर लेटा दिया था। इसी शैया वाले स्थान पर तरकतरी तीर्थ है।
Q22. कौन सा शहर महाभारत के कर्ण से संबंधित है?
उत्तर: करनाल
कर्ण कुंती के पुत्र थे, कुंती का पांडू के साथ विवाह से पहले कर्ण जन्मा था, कवच तथा कुंडल पहन कर जन्मे थे। इन्द्र को अपने कवच तथा कुंडल देने के कारण दानवीर कर्ण कहा जाता है। वर्तमान करनाल शहर का नाम कर्ण के नाम पर है।
Q23. प्रसिद्ध धार्मिक स्थल 'ज्योतिसर सरोवर' की लंबाई कितनी है? (HSSC-2016)
उत्तर: 1000 फीट
ज्योतिसर तीर्थ (सरोवर) पेहोवा से मार्ग पर सरस्वती नदी किनारे कुरुक्षेत्र जिले में स्थित है। ज्योतिसर में भगवान श्री कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। महर्षि महिर्ष में 18 दिनों तक ज्योतिसर सरोवर, कुरुक्षेत्र, गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाता है। ज्योतिसर तीर्थ की चौड़ाई 500 फीट तथा लंबाई 1000 फीट है।
Q24. 'अभिज्ञान शाकुंतलम' में किस तीर्थ की महिमा का वर्णन किया गया है?
उत्तर: हुड्डू तीर्थ (कुरुक्षेत्र)
हुड्डू तीर्थ जींद जिले के इक्कस गांव में स्थित है। यह कुरुक्षेत्र तीर्थों में से एक है। दुर्योधन वध के लिए जाना जाता है। कथाओं के अनुसार दुर्योधन महाभारत के अंतिम दिनों में इस तीर्थ में आकर छिप गया था। अभिज्ञान शाकुंतलम् में हुड्डू तीर्थ की महिमा का वर्णन किया गया है।
Q25. वायु पुराण के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा स्थान भगवान हनुमान का जन्म स्थान है? (HSSC-2018)
उत्तर: कैथल (कैथल जिला)
वायु पुराण में हरियाणा के कैथल जिले का वर्णन किया गया। वायु पुराण में कैथल को कपिलस्थल अर्थात हनुमान जी की जन्मस्थली के रूप में वर्णित किया गया है।
Q26. पांडू का ज्येष्ठ पुत्र कौन था? (HSSC-2018)
उत्तर: युधिष्ठिर
भीम, युधिष्ठिर, प्रत्यापति, अंगीरस - उत्तर युधिष्ठिर।
Q27. निम्न में से कौन-सा हरियाणा का परंपरागत स्थल चक्रव्यूह स्थल (महाभारत) माना गया है? (HSSC-2016)
उत्तर: अमीन तीर्थ (कुरुक्षेत्र)
अमीन तीर्थ (कुरुक्षेत्र) - महाभारत युद्ध में 13वें दिन गुरु द्रोणाचार्य ने चक्रव्यूह की रचना करके अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु का वध किया था। इसी स्थान को अमीन तीर्थ कहा जाता है। वर्तमान में अमीन गांव का नाम बदलकर अभिमन्युपुर कर दिया गया है। युधिष्ठिर पांडवों में सबसे बड़े थे।
Q28. एक प्राचीन धार्मिक स्थल पांडु पिंडारा हरियाणा के किस जिले में स्थित है?
उत्तर: जींद
पांडु-पिंडारा (जींद) - जींद जिले में स्थित पांडु-पिंडारा तीर्थ को हरियाणा का लघु हरिद्वार भी कहा जाता है। जनश्रुति के अनुसार यहाँ पर पांडवों ने 12 वर्षों तक सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा की थी। वर्तमान में पांडवों ने अपने पूर्वजों का पिंडदान यहीं किया था। यहाँ चंडू-पिंडारा तीर्थ पर लोग पिंडदान करने जाते हैं।
Q29. भगवत गीता में किस श्लोक में कुरुक्षेत्र को धर्मक्षेत्र कहा गया है?
उत्तर: पहला श्लोक
भगवत गीता के प्रथम श्लोक में कुरुक्षेत्र को धर्मक्षेत्र कहा गया है। भगवत गीता में अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण के बीच वार्तालाप है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश अर्जुन को थानेसर के ज्योतिसर नामक स्थान पर वट वृक्ष के नीचे दिया था। भगवत गीता के अनुसार 'कर्म' भगवान के साथ जुड़ने का दूसरा मार्ग है। भगवान के साथ जुड़ने का प्रथम मार्ग धर्म बताया गया है।
Q30. 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि में किस स्थान पर कपिल मुनि ने सांख्य सूत्र की रचना की थी?
उत्तर: कलायत (कैथल)
महाभारत काल में पिंजौर को विराट नगर कहते थे। गीता में कुल अध्याय - 18, गीता में कुल श्लोक - 700, गीता का सबसे बड़ा अध्याय - 18वां, गीता महाभारत के भीष्म पर्व में है। गीता में अर्जुन को भारत कहा गया है। गीता का प्रथम श्लोक - जिसमें कुरुक्षेत्र को धर्मक्षेत्र कहा गया है। धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः। मानकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत संजयः।।
Q31. परीक्षित किसका पुत्र था?
उत्तर: अभिमन्यु
महाभारत युद्ध में भू-पित्रवा जो कौरवों की ओर से लड़े थे, जिनका वध 14वें दिन हुआ था। उन्हीं के नाम पर कुरुक्षेत्र में इस स्थान का नाम भीष्मपदा पड़ा। जिस स्थान पर कपिल मुनि ने सांख्य सूत्र की रचना की थी - कलायत, कलायत में उत्तर-वैदिक कालीन ईंटों से निर्मित दो शिखर युक्त मंदिर हैं जो आंध्र ऐतिहासिक काल एवं मध्यकाल के बीच के समय के प्रतीत होते हैं।
Q32. सर्पदमन यज्ञ किसने करवाया था?
उत्तर: जनमेजय
जनमेजय राजा परीक्षित का पुत्र था। परीक्षित के बाद गद्दी पर जनमेजय बैठा था। जनमेजय को महाभारत की कहानी तक्षशिला में ऋषि वैशंपायन ने सुनाई थी। जनमेजय ने सफीदों में सर्पदमन यज्ञ करवाया था। ऋषि आस्तिक के कहने पर सर्पदमन यज्ञ को समाप्त किया था। जनमेजय ने लगभग 80 वर्ष तक शासन किया। जनमेजय ने असंध के अलावा तक्षशिला को अपनी राजधानी बनाया था। मत्स्य पुराण के अनुसार ब्राह्मणों से संघर्ष के बाद जनमेजय राजकाज छोड़कर जंगल में चला गया तथा उसका पुत्र शतानीक गद्दी पर बैठा था। युधिष्ठिर का उत्तराधिकारी अर्जुन पुत्र अभिमन्यु का बेटा परीक्षित था। परीक्षित का राज्य तीन भागों में बंटा हुआ था - कुरुक्षेत्र, कुरुजंगल, हस्तिनापुर। राजा परीक्षित ने हस्तिनापुर के अलावा असंध (करनाल) को अपनी दूसरी राजधानी बनाया था। राजा परीक्षित का पुत्र जनमेजय था।
Q33. गीता के किस अध्याय में श्रीकृष्ण का दिव्य रूप देखने को मिलता है?
उत्तर: अध्याय 11
महाभारत से संबंधित कुछ तथ्य - गीता के 11वें अध्याय में भगवान कृष्ण का दिव्य रूप देखने को मिलता है। गीता के अध्याय दो में यह कहा गया है कि आत्मा-अजर-अमर है। पांडव सेना के प्रधान सेनापति धृष्टधुम्न थे जो द्रुपद के पुत्र थे। संजय ने श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप को 1000 सूर्यों का एक साथ उदय होना दर्शाया था। अर्जुन का धनुष गांडीव उन्हें वरुणदेव से प्राप्त हुआ था। गीता के प्रथम अध्याय को विषाद कहा जाता है। गीता का समापन श्लोक संजय ने किया था।
Q34. हरियाणा में श्रीकृष्ण संग्रहालय कहां है?
उत्तर: कुरुक्षेत्र
श्रीकृष्ण संग्रहालय कुरुक्षेत्र जिले में है। इसकी स्थापना कुरुक्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा 1987 में की गई थी। इसका उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन द्वारा किया गया था। इसमें दो हाउस मल्टीमीडिया - महाभारत और गीता हाउस के नाम से जाने जाते हैं। श्रीकृष्ण संग्रहालय के मौजूदा भवन का उद्घाटन 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल द्वारा किया गया।
Q35. महाभारत युद्ध में कर्ण किसकी तरफ से लड़ा था?
उत्तर: कौरवों की तरफ से
कर्ण कौरवों की तरफ से लड़ा था। महाभारत युद्ध के 17वें दिन अर्जुन के हाथों कर्ण को वीरगति प्राप्त हुई थी। युद्ध के 18वें दिन शल्य वीरगति को प्राप्त हुआ। तत्पश्चात भीम के हाथों दुर्योधन भी मारा गया। युद्ध समाप्ति के बाद दोनों पक्षों के मरने वालों की अंत्येष्टि एक साथ हुई थी। उल्लेखनीय है कि सबसे पहले दुर्योधन की चिता जलाई गई।
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