📚 महेन्द्रगढ़ जिला: सम्पूर्ण जानकारी (HSSC Exams Special) 📚
सामान्य जानकारी और भौगोलिक स्थिति:
1. स्थिति: महेन्द्रगढ़ हरियाणा के दक्षिण में स्थित है।
2. क्षेत्रफल: 1859 वर्ग कि.मी.।
3. अस्तित्व तिथि: 1 नवम्बर, 1966।
4. मुख्यालय: नारनौल सिटी। (महेन्द्रगढ़ राज्य का एक मात्र ऐसा जिला है जिसका जिला मुख्यालय जिले के नाम के अनुरूप महेन्द्रगढ़ में न होकर नारनौल नगर में स्थित है)।
5. जिला कोड: 16।
6. तहसील: महेन्द्रगढ़, नारनौल, अटेली, नांगल चौधरी, कनीना।
7. उपतहसील: सतनाली।
8. उपमण्डल: महेन्द्रगढ़, नारनौल, कनीना।
9. खण्ड (Blocks): अटेली, नांगल, सिहमा, कनीना, महेन्द्रगढ़, निजामपुर, सतनाली, नांगल चौधरी, नारनौल।
10. राष्ट्रीय राजमार्ग: महेन्द्रगढ़ जिले से कोई भी राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं गुजरता है।
जनसंख्या और साक्षरता (2011 के अनुसार):
11. कुल जनसंख्या: 9,22,088 (पुरुष: 4,86,665, महिलाएँ: 4,35,423)।
12. लिंग अनुपात: 895।
13. दशक वृद्धि दर: 13.4% (अन्य तथ्य के अनुसार न्यूनतम जनसंख्या वृद्धि दर वाला जिला महेन्द्रगढ़ है - 13.04%)।
14. साक्षरता दर: 78.9% (पुरुष साक्षरता: 91.3%, महिला साक्षरता: 65.3%)।
15. जनसंख्या घनत्व: 486 प्रति वर्ग कि.मी.।
16. सबसे कम नगरीय जनसंख्या: सबसे कम नगरीय जनसंख्या वाला जिला महेन्द्रगढ़ (1,09,303) है।
इतिहास और नामकरण:
17. आरम्भ: ऐसा माना जाता है कि महेन्द्रगढ़ प्राकृतिक शहर और इसके आसपास के गाँवों का आरम्भ अजमेर के शासक और पृथ्वी राज चौहान के दादा 'राजा अनंगपाल' के काल में हुआ।
18. राजा लौन करण: इस क्षेत्र पर राजा अनंगपाल ने अपने चचेरे भाई राजा लौन करण के माध्यम से शासन किया, जिसका अधिकार क्षेत्र 'धोरी हिल' था जहाँ उसने किला बनवाया था।
19. पुराना नाम कानौड़: कानौड़िया ब्राह्मणों द्वारा आबाद किए जाने के कारण महेन्द्रगढ़ नगर पहले 'कानौड़' के नाम से जाना जाता था।
20. संस्थापक की अन्य मान्यता: यह भी कहा जाता है कि महेन्द्रगढ़ को बाबर के एक सेवक 'मलिक महमूद खान' ने बसाया था।
21. तांत्या टोपे का किला: 17वीं शताब्दी में मराठा शासक तांत्या टोपे ने यहाँ एक किले का निर्माण करवाया था।
22. नामकरण: पटियाला के शासक ने अपने पुत्र 'मोहिन्दर सिंह' के नाम पर इसका नामकरण महेन्द्रगढ़ किया।
23. नारनौल का इतिहास: नारनौल शहर 15वीं शताब्दी के दौरान जयपुर राज्य का एक भाग था। बाद में यह क्षेत्र सफलतापूर्वक मराठों, झज्जर के नवाब और ब्रिटिश के नियंत्रण में आया। ब्रिटिश के अधीन यह हिसार जिले का भाग था।
24. जलाली सिक्के: अकबर के समय में नारनौल में टकसाल थी। यहाँ से 'जलाली' सिक्के ढाले जाते थे।
कृषि, खनिज और मिट्टी:
25. मिट्टी: लाल मिट्टी।
26. फसलें: गेहूँ, सरसों, चना, बाजरा, सूरजमुखी।
27. खनिज: लोहा, चूने का पत्थर, स्लेट का पत्थर, मारबल, ऐस्बेस्ट्स, बैराइट, अभ्रक, क्वार्ट्ज। (खनिजों के मामले में यह बहुत समृद्ध जिला है)।
मेले, महोत्सव और धार्मिक स्थल:
28. मेला/महोत्सव: गूगा नवमी उत्सव, बाबा भिलाई नाथ स्मृति मेला, बाबा केरिया (केशरिया) स्मृति मेला, भूरा भवानी मेला।
29. मन्दिर/गुरुद्वारा: शिव मन्दिर (बाघोत गाँव), चामुंडा देवी मंदिर (नारनौल)।
30. चामुंडा देवी का मंदिर (नारनौल): यह मंदिर नारनौल के शासक राजा नौनकरण द्वारा निर्मित है। इस मंदिर के ऊपर उन्होंने 'जामा मस्जिद' बनवाई जो नारनौल की सबसे बड़ी मस्जिद है। यहाँ रामनवमी के दिन एक बड़ा मेला भरता है।
ऐतिहासिक व धार्मिक पर्यटन स्थल:
31. पर्यटन स्थलों की सूची: जल महल, चार गुबंद, बीरबल का छत्ता, शाह विलायत का मकबरा, इब्राहिम खान का मकबरा, माधोगढ़ का किला, और ढोसी पहाड़ी।
32. ढोसी हिल (पहाड़ी): यह कहा जाता है कि महेन्द्रगढ़ व राजस्थान की सीमा पर स्थित इस पहाड़ी पर 'च्यवन ऋषि' (Chavan Rishi) तपस्या किया करते थे।
33. च्यवन ऋषि का मंदिर: इस पहाड़ी पर च्यवन ऋषि की स्मृति में एक मंदिर बना हुआ है। सोमवती अमावस्या को च्यवन ऋषि की स्मृति में मेला लगता है।
34. भार्गव समुदाय: च्यवन ऋषि को भार्गव समुदाय का संस्थापक माना जाता है। हरियाणा के भार्गव 'ढोसर' भी कहे जाते हैं। यह स्थान तीर्थ की तरह पवित्र है।
35. अन्य स्थल: ढोसी हिल पर अन्य धार्मिक स्थल पंचतीर्थों व सूरजकुंड भी स्थित हैं।
विशेष उद्योग (लाख की चूड़ियाँ):
36. लाख की चूड़ियाँ: महेंद्रगढ़ जिला लाख की चूड़ियों तथा काष्ठशिल्प के लिए प्रसिद्ध है।
37. लाख का विवरण: लाख एक प्राकृतिक राल है जो एक कीट द्वारा स्रावित किया जाता है।
38. निर्माण: लाख की चूड़ियां राजस्थान, हरियाणा, हैदराबाद तथा जयपुर में प्रसिद्ध हैं। ये चूड़ियां अलग-अलग रंगों में उपलब्ध होती हैं और इन्हें विभिन्न छोटे पत्थरों, काँच और मोतियों का उपयोग करके सजाया जाता है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
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📚 महेन्द्रगढ़ जिला: अतिरिक्त महत्त्वपूर्ण तथ्य (HSSC Exams Special) 📚
सामान्य जानकारी और भौगोलिक स्थिति:
1. स्थिति: यह हरियाणा राज्य का 'दक्षिणतम जिला' (Southernmost district) है। इसके उत्तर-पश्चिम में भिवानी, उत्तर में दादरी, उत्तर-पूर्व में झज्जर व पूर्व में रेवाड़ी जिले की सीमाएँ लगती हैं。
2. क्षेत्रफल व साक्षरता का विशेष तथ्य: इस नई पुस्तक (हरियाणा दिग्दर्शन) के अनुसार महेन्द्रगढ़ का क्षेत्रफल 1,899 वर्ग किमी तथा साक्षरता दर 77.72% दी गई है।
3. प्रमुख नदी: महेन्द्रगढ़ जिले की प्रमुख नदी 'दोहान' है।
4. मध्यकालीन नाम: मध्यकाल में महेन्द्रगढ़ को 'नन्दीग्राम', 'नाहरनौल' व 'सिंहों का डहर' के नाम से भी जाना जाता था, जिस कारण इसका नाम नारनौल पड़ा।
इतिहास, विद्रोह और महत्त्वपूर्ण घटनाएँ:
5. सतनामी सम्प्रदाय: नारनौल में 1543 ई. में 'वीरभान' ने सतनामी सम्प्रदाय की स्थापना की थी।
6. 1857 की क्रान्ति: महेन्द्रगढ़ के 'नसीबपुर' में 1857 के क्रान्तिकारियों का शहीदी स्मारक स्थित है।
7. कनीना गाँव का इतिहास: नारनौल में कनीना गाँव एक ऐतिहासिक स्थल है, जिसे अहीर 'कान्हाराम' ने तेरहवीं सदी में बसाया था।
8. नाभा रियासत: 1857 ई. के बाद कनीना 'नाभा' नामक रियासत में सम्मिलित हो गया था। इस क्षेत्र को रेलमार्ग से जोड़ने का कार्य वर्ष 1938-39 में बीकानेर के राजा ने किया था।
9. परगना मल्टीपरपज सोसायटी: इस क्षेत्र में 'परगना मल्टीपरपज सोसायटी' की स्थापना वर्ष 1939 में की गई थी।
10. वीर भूमि: प्रथम तथा द्वितीय विश्वयुद्ध में इस क्षेत्र के सूबेदार छाजूराम, बुधराम, जमादार भैरोसिंह आदि ने नाम रोशन किया। वहीं आजाद हिन्द फौज के गणेशीलाल, राव किरोड़ीमल, भूपसिंह जैसे स्वतन्त्रता सेनानी भी इसी क्षेत्र से थे।
भौगोलिक विशेषताएँ और कृषि:
11. अरावली की सबसे ऊँची चोटी: हरियाणा में अरावली मैदान का सबसे ऊँचा भाग नारनौल नगर के दक्षिण-पश्चिम में 'कुलताजपुर ग्राम' में है, जो 652 मीटर ऊँचा है। इसी को ढोसी की पहाड़ी कहते हैं।
12. सरसों उत्पादन: यह जिला हरियाणा में 'सरसों के उत्पादन' में प्रथम स्थान रखता है।
13. खनिजों का शहर: खनिज संसाधन के दृष्टिकोण से इसे 'खनिजों का शहर' भी कहा जाता है। यहाँ पर स्लेट-पत्थर की प्रचुरता के कारण देश-विदेश तक स्लेट की आपूर्ति की जाती है। अटेली क्षेत्र स्लेट पत्थर की पहाड़ियों तथा अनाज की मण्डियों के लिए प्रसिद्ध है।
प्रमुख संस्थान, पर्यटन व अन्य तथ्य:
14. केन्द्रीय विश्वविद्यालय: महेन्द्रगढ़ में हरियाणा का एकमात्र 'केन्द्रीय विश्वविद्यालय' (Central University) है, जिसकी स्थापना वर्ष 2009 में 'जंतपाली' गाँव में की गई थी।
15. तालाबों और बावड़ियों का नगर: नारनौल को 'तालाबों और बावड़ियों का नगर' भी कहते हैं।
16. वीर्य बैंक: नारनौल में एक वीर्य बैंक (Semen Bank) है, जहाँ तरल नाइट्रोजन प्लाण्ट लगा हुआ है।
17. लॉजिस्टिक पार्क: उत्तर भारत का सबसे बड़ा 'लॉजिस्टिक पार्क' नारनौल में स्थित है।
18. अतिरिक्त पर्यटन स्थल: पहले बताए गए स्थलों के अलावा 'चोर गुम्बद', 'हमजा पीर', और 'नारनौल की बावड़ियाँ' यहाँ के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
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