KR SIRJI STUDY MATERIAL
HSSC by krsirji | Haryana GK
Topic: गणराज्य का उदय
💬 WhatsApp Free Notes: 9050349906Q1. किस जगह से मिले सिक्कों से पता चलता है कि प्राचीन काल में हिसार क्षेत्र में अग्र गणराज्य था? (HSSC-2023)
उत्तर: बरबाला और अग्रोहा दोनों से
अग्र गणराज्य हिसार क्षेत्र में फैला था। विद्वानों का ध्यान अग्र गणराज्य की तरफ सिक्कों की वजह से गया। रोजर्स को बरवाला से अग्रों के 9 सिक्के तथा एक सिक्का बरवाला के आस-पास से मिला। ये 9 सिक्के ब्रिटिश संग्रहालय में और बाद वाला एक सिक्का भारत संग्रहालय में रखा गया है।
Q2. महाभारत के द्रोण पर्व में किस गणराज्य का जिक्र आता है? (HSSC-2023)
उत्तर: यौधेय गणराज्य
मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद हरियाणा में गणराज्यों का उदय हुआ। हरियाणा के प्रमुख गणराज्य - यौधेय, अग्र, कुणिन्द तथा अर्जुनायन थे। इनमें यौधेय सबसे बड़ा गणराज्य था। यौधेय गणराज्य की स्थापना यौधेयों द्वारा की गई थी। यौधेयों से संबंधित अभिलेख जूनागढ़ अभिलेख (1505 ई.) में यौधेयों को वीर क्षत्रिय बताया गया है। ए.एस. अल्टेकर के अनुसार यौधेयों की राजधानी रोहतक थी। यौधेयों को युधिष्ठिर का वंशज माना जाता है। हरियाणा में चंद्रगुप्त मौर्य, बिंदुसार व अशोक आदि मौर्य राजाओं ने राज किया था।
Q3. मौर्यकालीन स्तूप के अवशेष कहाँ से मिले हैं? (HSSC-2023)
उत्तर: थानेसर से
हरियाणा 324 ई.पू. से 232 ई.पू. तक मौर्य साम्राज्य के अधीन था। मौर्यकालीन स्तूप थानेसर से मिले हैं। सुघ तथा टोपरा अभिलेख ये दर्शाते हैं कि हरियाणा में मौर्य साम्राज्य का शासन था।
Q4. पाणिनी ने अपनी किताब अष्टाध्यायी में यौधेयों के लिए कौन सा शब्द इस्तेमाल किया है?
उत्तर: आयुधजीवी
पाणिनी ने अपनी पुस्तक अष्टाध्यायी में यौधेयों के लिए आयुध जीवी शब्द का प्रयोग किया है। अष्टाध्यायी के श्लोक "युधारा अपत्य यौधेय:" के आधार पर माना जाता है कि 'युधा' नामक माता से उत्पन्न संतान यौधेय कहलाई।
Q5. किस कुषाण शासक को हराने के बाद यौधेयों ने 'यौधेयगणस्य जय' नाम के सिक्के चलाए थे?
उत्तर: वासुदेव को हराने के बाद
यौधेयों का प्रथम संघर्ष कुषाण शासक टिकभड़किस के साथ हुआ था। कुषाण शासक डिमिट्रियस पर विजय के बाद यौधेयों ने 'यौधेयानां बहुधान्यके' नाम के सिक्के जारी किए थे। यौधेय काल में भी हरियाणा को बहुधान्यक कहा जाता था। यौधेयों ने कुषाण शासक वासुदेव को हराने के बाद द्विवार्ग नामक शब्द अंकित सिक्के चलाए थे, जिन पर लिखा था - यौधेयगणस्य जय।
Q6. पूर्व ईसाई युग के यौधेय जनजातीय गणराज्य से जुड़ा स्थल कौन सा है जहाँ 1936 में बीरबल साहनी ने बहुत से इंडो-ग्रीक सिक्कों के ढेर की श्रृंखला खोजी थी? (HSSC-2018)
उत्तर: खोखराकोट (रोहतक)
सर्वप्रथम यौधेय कालीन सिक्के कैप्टन कोटले द्वारा सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) से खोजे गए थे। 1936 में बीरबल साहनी ने यौधेयों के सिक्के खोखराकोट, रोहतक से खोजे थे। यौधेयों का प्रतीक मोर (मयूर) था। नौरंगाबाद से यौधेयकालीन टकसाल प्राप्त हुई है।
Q7. कुणिन्द गणराज्य का सबसे ताकतवर शासक कौन था?
उत्तर: अमोघभूति
कुणिन्द गणराज्य भी हरियाणा का एक महत्वपूर्ण गणराज्य था। यह अम्बाला के ऊपरी हिस्से के आसपास विस्तृत था। कुषाणों की दासता के खिलाफ कुणिन्द गणराज्य ने यौधेयों के साथ मिलकर संघर्ष किया था। कुणिन्द गणराज्य की राजधानी अम्बाला थी।
Q8. कुणिन्द शासकों के सिक्के हरियाणा में कहाँ-कहाँ से मिले हैं?
उत्तर: नारायणगढ़ (अम्बाला), जगाधरी, बुढ़िया, करनाल सभी जगह से
हरियाणा से कुणिन्दकालीन सिक्के नारायणगढ़ (अम्बाला), जगाधरी, बुढ़िया तथा करनाल से प्राप्त हुए हैं। कुणिन्दकालीन सिक्कों पर अमोघभूति राजा का उल्लेख मिलता है।
Q9. पौराणिक शासक अग्रसेन की राजधानी कौन सी थी?
उत्तर: अग्रोहा
अग्रोहा से गुप्तकालीन सूर्य देवता की मूर्ति प्राप्त हुई है। अग्र गणराज्य यौधेय के बाद दूसरा प्रमुख गणराज्य था। अग्र गणराज्य की राजधानी अग्रोहा थी। अग्र गणराज्य के अग्रोहा वन के आदिपुरुष महाराजा अग्रसेन ने अग्रोहा नगर को बसाया था। भारत के अग्रवाल समाज के लोग अग्रोहा को अपना उद्गम स्थान मानते हैं। अग्र गणराज्य का विलय यौधेयों में हो गया था।
Q10. अग्रजनों के सिक्कों पर किसकी तस्वीरें बनी होती थीं?
उत्तर: वृक्ष, सिंह, बैल, देवी - ये सभी
वर्ष 1938-39 में एच.एल. श्रीवास्तव को 51 सिक्के अग्रोहा से प्राप्त हुए थे। अग्रोहा से प्राप्त हुए हैं। पाणिनी की अष्टाध्यायी में भी अग्रों का उल्लेख मिलता है। अग्रों के सिक्कों पर वृक्ष, सिंह, बैल, देवी आदि के चित्र अंकित हैं। पतंजलि की महाभाष्य में भी अग्र जनों की चर्चा है। अग्रोहा से संगीत के सात सुरों वाली ईंट प्राप्त हुई है (सात सुर - सा, रे, गा, मा, पा, धा, नि, सा)।
Q11. अर्जुनायन गणराज्य की मुद्राओं पर जो 'त्रि' शब्द अंकित है वो किसके साथ विलय को दर्शाता है?
उत्तर: यौधेयों के साथ विलय
अर्जुनायन गणराज्य राजस्थान में अवस्थित था, लेकिन हरियाणा का कुछ हिस्सा महेंद्रगढ़ का कुछ भाग भी अर्जुनायन गणराज्य के अधीन था। कुषाणों के खिलाफ संघर्ष में अर्जुनायन गणराज्य भी यौधेयों और कुणिन्दों के साथ मिल गया था। डॉ. अल्टेकर के अनुसार यौधेय सिक्कों पर "त्रि" शब्द तीनों राज्यों के साथ को इंगित करता है।
Q12. किस अभिलेख से पता चलता है कि यौधेयों की राजधानी रोहतक थी?
उत्तर: अग्रोहा अभिलेख
अग्रोहा से प्राप्त अभिलेख भी इस बात की पुष्टि करता है कि यौधेयों की राजधानी रोहतक थी। यौधेयों की राजधानी नौरंगाबाद-बामला थी। कुछ इतिहासकारों के अनुसार यौधेय इंडो-ईरानियन कबीले थे। इतिहासकार ए.एस. अल्टेकर ने यौधेयों की राजधानी रोहतक को बताया है। नौरंगाबाद (भिवानी) से यौधेयकालीन सिक्के तथा मुहरें प्राप्त हुई हैं। यौधेयों का पूजनीय देवता कार्तिकेय था, भगवान कार्तिकेय के लिए यौधेयों ने ब्राह्मणदेव शब्द का प्रयोग किया था।
Q13. पाणिनी की अष्टाध्यायी में कुणिन्दों को क्या कहा जाता है?
उत्तर: कुलुन
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