HSSC GK: हरियाणा का नामकरण एवं प्राचीन इतिहास
नमस्कार दोस्तों! HSSC (Haryana Staff Selection Commission) की किसी भी परीक्षा (चाहे वह Group D हो, Clerk हो या CET) में "हरियाणा के प्राचीन नाम और उसके इतिहास" से 1 या 2 प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। आज के इस विशेष आर्टिकल में हम हरियाणा के नाम की उत्पत्ति, विभिन्न ग्रंथों में इसके नाम और विद्वानों द्वारा दिए गए नामों की विस्तृत थ्योरी पढ़ेंगे और साथ ही पिछले वर्षों के महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नों (PYQs) का अभ्यास भी करेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं!
- हरियाणा का अर्थ: यह संस्कृत के दो शब्दों 'हरि' (भगवान विष्णु) और 'अयण' (निवास) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है 'भगवान का वास'।
- प्राचीन नाम: मनुस्मृति में सरस्वती और दृषद्वती नदियों के बीच के क्षेत्र को 'ब्रह्मावर्त' कहा गया है। इसे 'ब्रह्मा की उत्तर वेदिका' और 'ब्रह्म ऋषि प्रदेश' भी कहा जाता था।
- महाभारत काल: इस काल में हरियाणा को 'बहुधान्यक' (अत्यंत समृद्ध भूमि) कहा जाता था।
- ऋग्वेद में: ऋग्वेद (8वें मण्डल) में हरियाणा का उल्लेख 'रज हरियाणे' के रूप में मिलता है।
- हर्षचरित में: बाणभट्ट द्वारा रचित हर्षचरित में हरियाणा क्षेत्र और कुरुक्षेत्र को 'श्रीकंठ जनपद' कहा गया है।
- विभिन्न विद्वानों के मत:
- डॉ. एच. आर. गुप्ता: 'आर्यना' (आर्यों का घर)
- महाराज कृष्ण: 'हरना' (लूटना)
- यदुनाथ सरकार: 'हरियाल' - पुराणों में: स्कंदपुराण में हरियाणा को 'हरियाला' और पुष्पदंत द्वारा रचित महापुराण (10वीं सदी) में 'हरियाणाउ' कहा गया है।
1. वामन पुराण में हरियाणा में बहने वाली नदियों का उल्लेख मिलता है।
2. पुराणों की कुल संख्या 18 मानी जाती है।
1. छठी-सातवीं सदी के आसपास इस क्षेत्र का नाम श्रीकंठ जनपद पड़ा था।
2. बाणभट्ट ने 'कादंबरी' नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की भी रचना की थी।
1. हरियाणा की उत्पत्ति ऋग्वेद से हुई है, ऐसा विद्वान डॉ. एच. आर. गुप्ता भी मानते हैं।
2. ऋग्वेद में सरस्वती नदी को सबसे पवित्र नदी माना गया है जो हरियाणा से होकर बहती थी।
1. महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में लड़ा गया था जो 18 दिनों तक चला था।
2. रोहतक को भी महाभारत के नकुल दिग्विजयम् में 'बहुधान्यक' का उपक्षेत्र बताया गया है।
1. 'हरना' (लूटना) नाम महाराज कृष्ण ने दिया था।
2. 'हरियाल' नाम यदुनाथ सरकार द्वारा दिया गया था।
💡 उम्मीद है आपको हरियाणा के प्राचीन इतिहास से जुड़े ये तथ्य और प्रश्न अच्छे से समझ आ गए होंगे। परीक्षा में जाने से पहले इन्हें एक बार जरूर दोहरा लें। अगली पोस्ट में हम 'हरियाणा के प्रागैतिहासिक काल और सिंधु घाटी सभ्यता' के बारे में पढ़ेंगे। अपनी तैयारी मजबूत रखें!
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