📌 HSSC BY KRSIRJI: हरियाणा का इतिहास (सम्पूर्ण नोट्स)
HSSC CET 2026, Group D, Haryana Police के लिए हस्तलिखित नोट्स व MCQs
1. अर्जुनायन गणराज्य
- यह गणराज्य महेन्द्रगढ़ व राजस्थान में फैला हुआ था।
- इस गणराज्य की जानकारी पाणिनी की 'अष्टाध्यायी' पुस्तक में मिलती है।
- कुषाणों को हराने के लिए कुणिंद, यौधेय और अर्जुनायन साथ में मिल गए थे और कुषाणों को हरा दिया था।
- अर्जुनायन गणराज्यों के सिक्कों पर 'द्वि' शब्द यौधेयों और अर्जुनायनों के विलय को दर्शाता है, और 'त्रि' शब्द कुणिंदों के साथ विलय को दर्शाता है।
1. अर्जुनायन गणराज्य हरियाणा के किस क्षेत्र में फैला था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (d) महेन्द्रगढ़
Kr Sir Ji Fact: अर्जुनायन गणराज्य का मुख्य विस्तार हरियाणा के महेन्द्रगढ़ और इससे सटे राजस्थान के क्षेत्रों में था।
Kr Sir Ji Fact: अर्जुनायन गणराज्य का मुख्य विस्तार हरियाणा के महेन्द्रगढ़ और इससे सटे राजस्थान के क्षेत्रों में था।
2. अर्जुनायन गणराज्य के बारे में पाणिनी की किस पुस्तक में मिलता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (b) अष्टाध्यायी
Kr Sir Ji Fact: महर्षि पाणिनी द्वारा रचित 'अष्टाध्यायी' संस्कृत व्याकरण का सबसे प्राचीन और प्रामाणिक ग्रन्थ है।
Kr Sir Ji Fact: महर्षि पाणिनी द्वारा रचित 'अष्टाध्यायी' संस्कृत व्याकरण का सबसे प्राचीन और प्रामाणिक ग्रन्थ है।
3. कुषाणों को किस ने हराया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी
Kr Sir Ji Fact: विदेशी कुषाणों के आक्रमण को विफल करने के लिए हरियाणा के इन तीनों गणराज्यों ने अपना एक संयुक्त संघ बनाया था।
Kr Sir Ji Fact: विदेशी कुषाणों के आक्रमण को विफल करने के लिए हरियाणा के इन तीनों गणराज्यों ने अपना एक संयुक्त संघ बनाया था।
4. अर्जुनायन गणराज्यों के सिक्कों पर 'द्वि' शब्द किसके साथ विलय का प्रतीक है-
उत्तर देखें
सही उत्तर: (c) यौधेय
Kr Sir Ji Fact: 'द्वि' शब्द यौधेयों के साथ इनके मजबूत राजनीतिक गठबंधन (विलय) को दर्शाता है।
Kr Sir Ji Fact: 'द्वि' शब्द यौधेयों के साथ इनके मजबूत राजनीतिक गठबंधन (विलय) को दर्शाता है।
5. अर्जुनायन गणराज्यों के सिक्कों पर 'त्रि' शब्द किसके साथ विलय का प्रतीक है-
उत्तर देखें
सही उत्तर: (c) a और b दोनों
Kr Sir Ji Fact: 'त्रि' शब्द का अर्थ है कि तीनों (अर्जुनायन, यौधेय और कुणिंद) एक साथ मिलकर कुषाणों के खिलाफ लड़े थे।
Kr Sir Ji Fact: 'त्रि' शब्द का अर्थ है कि तीनों (अर्जुनायन, यौधेय और कुणिंद) एक साथ मिलकर कुषाणों के खिलाफ लड़े थे।
2. गुप्त काल
- गुप्त साम्राज्य की नींव रखने वाले शासक श्री गुप्त थे। इसने 275 ईसवी में गुप्त वंश की स्थापना की थी।
- गुप्त काल में कला, विज्ञान और साहित्य ने अत्यधिक समृद्धि प्राप्त की। इसी काल के साथ ही भारत ने मंदिर वास्तुकला एवं मूर्तिकला के उत्कृष्ट काल में प्रवेश किया।
- आरंभिक गुप्तकालीन मंदिरों में शिखर नहीं मिलता है। यह मंदिर सुंदर मूर्तियों, उड़ते हुए पक्षियों, पवित्र वृक्ष एवं फूल पत्तियों द्वारा अलंकृत हैं। विषयवस्तु रामायण, महाभारत और पुराणों से ली गई है।
- श्री गुप्त के बाद उसका बेटा घटोत्कच गद्दी पर बैठा। गुप्त काल की भाषा संस्कृत, धर्म - हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म था।
- गुप्त काल के शासक: श्री गुप्त (240-280 ई.), घटोत्कच (280-319 ई.), चन्द्रगुप्त प्रथम (319-334 ई.), समुद्रगुप्त (335-375 ई.), चन्द्रगुप्त द्वितीय (375-414 ई.), कुमार गुप्त (415-454 ई.), स्कंद गुप्त (455-467 ई.)।
- गुप्त साम्राज्य के शासक विष्णु भगवान के उपासक थे। समुद्रगुप्त को विंसेंट स्मिथ ने भारत का नेपोलियन की उपाधि दी थी। चन्द्रगुप्त द्वितीय को विक्रमादित्य भी कहा जाता है।
- चन्द्रगुप्त प्रथम जब गद्दी पर बैठा तो 'गुप्त संवत्' (319-320 ई.) शुरू हुआ था। इसने सबसे पहले 'महाराजाधिराज' की उपाधि धारण की थी।
- समुद्रगुप्त संगीत प्रेमी था, सिक्कों पर वीणा बजाते हुए चित्र है। इसने 'कविराज' की उपाधि धारण की। इसने आर्यावर्त के 9 और दक्षिणावर्त के 12 राजाओं को हराया था। हरिषेण ने 'प्रयाग प्रशस्ति' लिखा।
- चन्द्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के दरबार में चीनी यात्री फाह्यान आया था। इसके दरबार में धन्वंतरि (चिकित्सक) थे। इसने शकों पर विजय के बाद चाँदी के सिक्के चलाए।
- नालंदा विश्वविद्यालय का निर्माण कुमारगुप्त ने करवाया था। स्कंदगुप्त ने हूणों को हराया था और सुदर्शन झील का पुनर्निर्माण करवाया था।
- दशमलव प्रणाली का आविष्कार गुप्त काल में हुआ। सती प्रथा का पहला उल्लेख एरण अभिलेख से मिलता है। कालिदास (अभिज्ञान शाकुंतलम, कुमारसंभव) इसी काल के राजकवि थे।
- भू-राजस्व दर 1/6 भाग थी। सोने की मुद्रा को 'दीनार' और चाँदी के सिक्कों को 'रूपक' कहते थे।
1. गुप्त वंश की नींव किसने रखी थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (b) श्री गुप्त
Kr Sir Ji Fact: श्री गुप्त ने 275 ई. में नींव रखी, इसे भारत का स्वर्ण युग भी कहते हैं।
Kr Sir Ji Fact: श्री गुप्त ने 275 ई. में नींव रखी, इसे भारत का स्वर्ण युग भी कहते हैं।
2. गुप्त वंश की राजभाषा कौनसी थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (c) संस्कृत
Kr Sir Ji Fact: इसी काल में कालिदास ने अपनी प्रसिद्ध रचनाएँ संस्कृत में ही लिखी थीं।
Kr Sir Ji Fact: इसी काल में कालिदास ने अपनी प्रसिद्ध रचनाएँ संस्कृत में ही लिखी थीं।
3. गुप्त किस वंश के सामंत थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (a) कुषाणों के
Kr Sir Ji Fact: प्रारम्भ में गुप्त शासक कुषाणों के अधीन सामंत हुआ करते थे, बाद में इन्होने खुद को स्वतंत्र किया।
Kr Sir Ji Fact: प्रारम्भ में गुप्त शासक कुषाणों के अधीन सामंत हुआ करते थे, बाद में इन्होने खुद को स्वतंत्र किया।
4. चन्द्रगुप्त प्रथम किस का पुत्र था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (c) घटोत्कच गुप्त
Kr Sir Ji Fact: श्री गुप्त का पुत्र घटोत्कच था, और घटोत्कच का पुत्र चन्द्रगुप्त प्रथम था।
Kr Sir Ji Fact: श्री गुप्त का पुत्र घटोत्कच था, और घटोत्कच का पुत्र चन्द्रगुप्त प्रथम था।
5. गुप्त वंश के किस शासन ने सर्वप्रथम 'महाराजाधिराज' की उपाधि धारण की थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (c) चन्द्रगुप्त प्रथम
Kr Sir Ji Fact: इसी ने 319-320 ई. में गुप्त संवत् की शुरुआत भी की थी।
Kr Sir Ji Fact: इसी ने 319-320 ई. में गुप्त संवत् की शुरुआत भी की थी।
6. चन्द्रगुप्त प्रथम के पुत्र का क्या नाम था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (d) समुद्रगुप्त
Kr Sir Ji Fact: समुद्रगुप्त को ही भारत का नेपोलियन कहा जाता है।
Kr Sir Ji Fact: समुद्रगुप्त को ही भारत का नेपोलियन कहा जाता है।
7. गुप्त शासक किस के उपासक थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (b) विष्णु
Kr Sir Ji Fact: गुप्त शासकों का राजचिह्न गरुड़ था, जो भगवान विष्णु का वाहन है।
Kr Sir Ji Fact: गुप्त शासकों का राजचिह्न गरुड़ था, जो भगवान विष्णु का वाहन है।
8. समुद्रगुप्त का पुत्र कौन था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (c) चन्द्रगुप्त द्वितीय
Kr Sir Ji Fact: इसे ही विक्रमादित्य के नाम से जाना जाता है जिसके दरबार में नवरत्न रहते थे।
Kr Sir Ji Fact: इसे ही विक्रमादित्य के नाम से जाना जाता है जिसके दरबार में नवरत्न रहते थे।
9. समुद्रगुप्त को 'भारत का नेपोलियन' किस इतिहासकार ने कहा था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (d) वी.ए. स्मिथ
Kr Sir Ji Fact: इसकी अपार विजयों के कारण विंसेट स्मिथ ने इसे यह उपाधि दी थी।
Kr Sir Ji Fact: इसकी अपार विजयों के कारण विंसेट स्मिथ ने इसे यह उपाधि दी थी।
10. भारत का नेपोलियन किस शासक को कहा गया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (a) समुद्रगुप्त
Kr Sir Ji Fact: इसने आर्यावर्त और दक्षिणावर्त के कई राजाओं को हराया था।
Kr Sir Ji Fact: इसने आर्यावर्त और दक्षिणावर्त के कई राजाओं को हराया था।
11. गुप्त वंश के किस राजा के समय हूणों ने भारत पर आक्रमण किया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (b) स्कंदगुप्त
Kr Sir Ji Fact: स्कंदगुप्त ने हूणों को बुरी तरह पराजित कर भारत से बाहर खदेड़ दिया था।
Kr Sir Ji Fact: स्कंदगुप्त ने हूणों को बुरी तरह पराजित कर भारत से बाहर खदेड़ दिया था।
12. गुप्त वंश किस के लिए प्रसिद्ध था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (b) कला एवं स्थापत्य
Kr Sir Ji Fact: गुप्त काल में अजंता की गुफाएं और अनेक भव्य मंदिरों का निर्माण हुआ था।
Kr Sir Ji Fact: गुप्त काल में अजंता की गुफाएं और अनेक भव्य मंदिरों का निर्माण हुआ था।
13. गुप्त शासन के दौरान ऐसा कौन व्यक्ति था जो एक महान खगोल विज्ञानी और गणितज्ञ था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (d) आर्यभट्ट
Kr Sir Ji Fact: आर्यभट्ट ने ही शून्य (0) की खोज की और सूर्य सिद्धांत दिया था।
Kr Sir Ji Fact: आर्यभट्ट ने ही शून्य (0) की खोज की और सूर्य सिद्धांत दिया था।
15. कालिदास किसके राजकवि थे? (Q.14 missing in source)
उत्तर देखें
सही उत्तर: (d) चन्द्रगुप्त द्वितीय
Kr Sir Ji Fact: कालिदास चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के नवरत्नों में से एक थे।
Kr Sir Ji Fact: कालिदास चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के नवरत्नों में से एक थे।
16. अजंता की गुफाओं के चित्र किस से सम्बन्धित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (a) बौद्ध धर्म
Kr Sir Ji Fact: अजंता की गुफाएं मुख्य रूप से जातक कथाओं और बौद्ध धर्म से संबंधित भित्तिचित्रों के लिए प्रसिद्ध हैं।
Kr Sir Ji Fact: अजंता की गुफाएं मुख्य रूप से जातक कथाओं और बौद्ध धर्म से संबंधित भित्तिचित्रों के लिए प्रसिद्ध हैं।
3. पुष्यभूति वंश (वर्धन वंश)
- पुष्यभूति वंश की राजधानी थानेसर (कुरुक्षेत्र) थी। इस वंश का संस्थापक पुष्यभूति था।
- पुष्यभूति ने स्थानेश्वर के शिव मंदिर का निर्माण करवाया था। (पुनर्निर्माण मराठा सदाशिव राव ने करवाया)।
- प्रभाकर वर्धन के दो पुत्र राज्यवर्धन व हर्षवर्धन थे तथा एक पुत्री राज्यश्री थी।
- हर्षवर्धन का जन्म 590 ई. में हुआ और 606 ई. में (16 वर्ष की आयु में) राजा बने। इसने अपनी दूसरी राजधानी कन्नौज को बनाया।
- 629 ई. में चीनी यात्री ह्वेनसांग (यात्रियों का राजकुमार) भारत आया। इसकी पुस्तक का नाम 'सी. यू. की.' है।
- दरबारी कवि बाणभट्ट थे, जिनकी रचनाएं हर्षचरित और कादंबरी हैं। स्वयं हर्षवर्धन ने नागानंद, प्रियदर्शिका और रत्नावली लिखी।
- कुंभ के मेले की शुरुआत हर्षवर्धन ने की थी। 634-35 ई. में नर्मदा नदी के किनारे हर्षवर्धन और पुलकेशिन द्वितीय का युद्ध हुआ जिसमें हर्ष की हार हुई (ऐहोल अभिलेख)। 647 ई. में हर्ष की मृत्यु हुई।
1. पुष्यभूति वंश की स्थापना किसने की थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (b) पुष्यभूति
Kr Sir Ji Fact: इन्होंने छठी शताब्दी के अंत में थानेसर में इस वंश की नींव रखी थी।
Kr Sir Ji Fact: इन्होंने छठी शताब्दी के अंत में थानेसर में इस वंश की नींव रखी थी।
2. पुष्यभूति वंश का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (a) वर्धन वंश
Kr Sir Ji Fact: प्रभाकरवर्धन, राज्यवर्धन और हर्षवर्धन जैसे प्रतापी राजाओं के कारण इसे वर्धन वंश भी कहा गया।
Kr Sir Ji Fact: प्रभाकरवर्धन, राज्यवर्धन और हर्षवर्धन जैसे प्रतापी राजाओं के कारण इसे वर्धन वंश भी कहा गया।
3. स्थानेश्वर के शिव मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (c) पुष्यभूति
Kr Sir Ji Fact: यह शिव मंदिर कुरुक्षेत्र में है, पुष्यभूति शिव के परम भक्त थे।
Kr Sir Ji Fact: यह शिव मंदिर कुरुक्षेत्र में है, पुष्यभूति शिव के परम भक्त थे।
4. स्थानेश्वर के शिव मंदिर का पुनःनिर्माण किसने करवाया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (d) सदाशिव राव
Kr Sir Ji Fact: मराठा सेनापति सदाशिव राव भाऊ ने इसका जीर्णोद्धार करवाया था।
Kr Sir Ji Fact: मराठा सेनापति सदाशिव राव भाऊ ने इसका जीर्णोद्धार करवाया था।
5. थानेश्वर का प्राचीन नाम क्या था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (a) स्थानेश्वर
Kr Sir Ji Fact: स्थानेश्वर का शाब्दिक अर्थ 'ईश्वर का स्थान' होता है।
Kr Sir Ji Fact: स्थानेश्वर का शाब्दिक अर्थ 'ईश्वर का स्थान' होता है।
4. गुर्जर प्रतिहार व तोमर वंश
- हरियाणा में गुर्जर प्रतिहार वंश की नींव नागभट्ट द्वितीय ने रखी थी।
- राजा मिहिरभोज के शासन काल (836 - 885 ई.) की जानकारी पेहोवा अभिलेख से मिलती है। 9वीं शताब्दी में पेहोवा घोड़ों के व्यापार का प्रमुख केंद्र था।
- तोमर वंश का संस्थापक अनंगपाल तोमर था। अनंगपाल द्वितीय ने फरीदाबाद में 'सूरजकुंड' (मयूर झील) का निर्माण करवाया था।
- दिल्ली की स्थापना 736 ई. में तोमर वंश ने ही की थी। दिल्ली को पहले 'ढिल्लिका' भी कहते थे।
1. वर्धन वंश के पतन के बाद हरियाणा में किस वंश का उदय हुआ था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (b) गुर्जर प्रतिहार वंश
Kr Sir Ji Fact: वर्धन साम्राज्य के बिखरने के बाद उत्तर भारत में गुर्जर प्रतिहारों ने अपना प्रभुत्व जमाया।
Kr Sir Ji Fact: वर्धन साम्राज्य के बिखरने के बाद उत्तर भारत में गुर्जर प्रतिहारों ने अपना प्रभुत्व जमाया।
8. मिहिर भोज के शासन काल में व्यापार का केन्द्र था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (d) पेहोवा
Kr Sir Ji Fact: कुरुक्षेत्र का पेहोवा उस समय उन्नत किस्म के अरबी घोड़ों के व्यापार के लिए विख्यात था।
Kr Sir Ji Fact: कुरुक्षेत्र का पेहोवा उस समय उन्नत किस्म के अरबी घोड़ों के व्यापार के लिए विख्यात था।
10. राजा मिहिर भोज के समय घोड़ों के व्यापार के लिए प्रसिद्ध था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (a) पेहोवा
Kr Sir Ji Fact: पेहोवा का प्राचीन नाम 'पृथुदक' था।
Kr Sir Ji Fact: पेहोवा का प्राचीन नाम 'पृथुदक' था।
सूरजकुण्ड का निर्माण किसने करवाया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (a) अनंगपाल द्वितीय
Kr Sir Ji Fact: अनंगपाल द्वितीय (सूरजमल तोमर) ने फरीदाबाद में यह सूर्य आकार की झील बनवाई थी जहाँ आज सूरजकुंड मेला लगता है।
Kr Sir Ji Fact: अनंगपाल द्वितीय (सूरजमल तोमर) ने फरीदाबाद में यह सूर्य आकार की झील बनवाई थी जहाँ आज सूरजकुंड मेला लगता है।
5. गजनी वंश व चौहान वंश
- महमूद गजनवी ने भारत पर 17 आक्रमण किए। 1014 ई. में उसने थानेसर पर आक्रमण कर चक्र स्वामी महाराज (विष्णु) की मूर्ति तोड़ी।
- महमूद गजनवी के साथ अलबरूनी और फिरदौसी भारत आए थे। अलबरूनी ने 'किताब-उल-हिन्द' में ब्रह्म सरोवर का वर्णन किया है।
- चौहान वंश के सबसे शक्तिशाली राजा पृथ्वीराज चौहान थे। इनके दरबारी कवि चंदबरदाई ने 'पृथ्वीराज रासो' लिखी।
- तराइन का प्रथम युद्ध (1191 ई.) - पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गौरी को हराया।
- तराइन का द्वितीय युद्ध (1192 ई.) - मोहम्मद गौरी ने पृथ्वीराज चौहान को हराया।
10. महमूद गजनवी ने भारत पर कितने आक्रमण किए थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (d) 17
Kr Sir Ji Fact: गजनवी का मुख्य उद्देश्य भारत की अपार धन-संपदा को लूटना था, जिसमें सोमनाथ मंदिर (1025 ई.) का लूट सबसे प्रसिद्ध है।
Kr Sir Ji Fact: गजनवी का मुख्य उद्देश्य भारत की अपार धन-संपदा को लूटना था, जिसमें सोमनाथ मंदिर (1025 ई.) का लूट सबसे प्रसिद्ध है।
23. चक्र स्वामी महाराज की मूर्ति किस देवता से सम्बन्धित थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (d) विष्णु भगवान
Kr Sir Ji Fact: 1014 ई. में थानेसर आक्रमण के समय गजनवी ने इस कांसे की मूर्ति को तोड़ दिया था।
Kr Sir Ji Fact: 1014 ई. में थानेसर आक्रमण के समय गजनवी ने इस कांसे की मूर्ति को तोड़ दिया था।
36. तराईन का द्वितीय युद्ध कब हुआ था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (b) 1192 ई.
Kr Sir Ji Fact: इसी युद्ध के बाद भारत में तुर्क (मुस्लिम) साम्राज्य की नींव पड़ी क्योंकि पृथ्वीराज चौहान हार गए थे।
Kr Sir Ji Fact: इसी युद्ध के बाद भारत में तुर्क (मुस्लिम) साम्राज्य की नींव पड़ी क्योंकि पृथ्वीराज चौहान हार गए थे।
18. चंद्रबरदाई की कौन-सी रचना थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (a) पृथ्वीराज रासो
Kr Sir Ji Fact: यह हिंदी भाषा का प्रथम महाकाव्य माना जाता है।
Kr Sir Ji Fact: यह हिंदी भाषा का प्रथम महाकाव्य माना जाता है।
📚 KR SIRJI Premium PDF Vault
HSSC CET 2026 और Group D की अचूक तैयारी के लिए सभी महत्वपूर्ण नोट्स यहाँ से प्राप्त करें 👇
📍 हरियाणा जीके 2500 PDF
📍 हरियाणा जीके रामबाण PDF
📍 हरियाणा मानचित्र PDF
📍 Tricky Math PDF
📍 हरियाणा जीके ऑब्जेक्टिव PDF
📍 हरियाणा जीके Previous Year PDF
📍 Computer Likhit Notes PDF
📍 Road Safety PDF
📍 Rural Marketing PDF
📍 हरियाणा जीके Notes – प्रदीप पूनिया
📍 Babita Madam – Heart of Haryana
📍 हरियाणा जीके Topic Wise PDF
📍 अंकित ग्रेवाल Notes PDF
📍 हरियाणा शास्त्र PDF
📍 सुनील बुरा सर Book PDF
📍 Mock Test PDF
📍 DSL एकलव्य PDF
📍 Study Mantra – Previous Year
📍 Twitter of Haryana PDF
📍 Computer Notes 1500 PDF
📍 Love Singh Computer Practice Set
📌🇮🇳 HSSC Cet 2026 Notes | Haryana GK - Join WhatsApp Channel!

Comments
Post a Comment
👉 अपने सुझाव या प्रश्न नीचे लिखें। हम जल्दी reply करेंगे!
✅ कृपया मर्यादित भाषा में कमेंट करें।
✅ आपके कमेंट से हमें और बेहतर सामग्री बनाने की प्रेरणा मिलती है!