Topic 5: भौगोलिक परिचय एवं अपवाह तंत्र (Part 1)
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) टांगरी: यह मारकंडा की ही एक प्रमुख सहायक नदी है। इसका उद्गम मोरनी की पहाड़ियों (पंचकूला) से होता है।
(b) मारकंडा: इसका प्राचीन नाम 'अरुणा' था। बेगना, रण और नकटी इसकी प्रमुख सहायक नदियां हैं। यह अंबाला के 'काला अंब' नामक स्थान से हरियाणा में प्रवेश करती है।
(c) दोहन: यह दक्षिण हरियाणा की एक मौसमी/बरसाती नदी है, जिसका उद्गम ढोसी की पहाड़ियों (नीम का थाना, राजस्थान/महेंद्रगढ़ सीमा) से माना जाता है।
(d) सरस्वती: यह हरियाणा की सबसे पवित्र और प्राचीन नदी है। ऋग्वेद में इसका जिक्र है। यह आदिबद्री (यमुनानगर) से हरियाणा में प्रवेश करती थी।
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(a) टांगरी: यह उत्तरी हरियाणा की नदी है जिसका उद्गम पंचकूला की मोरनी हिल्स (शिवालिक रेंज) से होता है।
(b) दोहन: यह नदी शिवालिक से नहीं, बल्कि अरावली पर्वत शृंखला से निकलती है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार इसका उद्गम भृगु ऋषि की पत्नी पॉलसम्मा के नेत्रों से हुआ था।
(c) घग्घर: इसका उद्गम हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में डागशाई नामक स्थान (शिवालिक की पहाड़ियाँ) से होता है।
(d) मारकंडा: यह नदी हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में धरतीधर पर्वत शृंखला (जो शिवालिक का ही हिस्सा है) से निकलती है।
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(a) उत्तर-पूर्व: शिवालिक पर्वतमाला हरियाणा के उत्तर-पूर्वी भाग में पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जिलों में फैली हुई है। यह राज्य के कुल क्षेत्रफल का मात्र 1.67% है।
(b) दक्षिण-पूर्व: इस क्षेत्र में फरीदाबाद, पलवल जैसे जिले आते हैं जहाँ यमुना नदी के मैदान और अरावली के कुछ अंश हैं।
(c) दक्षिण-पश्चिम: इस भाग में रेतीले मैदान और अरावली पर्वतमाला (हिसार, भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी) का विस्तार है, जिसकी सीमा राजस्थान से लगती है।
(d) इनमें से कोई नहीं: यह विकल्प असंगत है।
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(a) मसानी बाँध: यह बाँध रेवाड़ी जिले में साहिबी नदी पर बना हुआ है, जिसका निर्माण 1979 से 1989 के बीच हुआ था।
(b) पथराला बाँध: यह बाँध यमुनानगर जिले में सोम नदी (यमुना की सहायक) पर 1875-76 में बनाया गया था।
(c) ओटू बाँध: यह सिरसा जिले में घग्घर-हकरा नदी पर स्थित है। इसका निर्माण 1896 में हुआ था। इसके पास बनी झील को 'धनुर झील' भी कहा जाता है।
(d) अनंगपुर बाँध: यह फरीदाबाद में स्थित 8वीं सदी का एक हाइड्रोलिक (ग्रेविटी) बाँध है, जिसे तोमर वंश के राजा अनंगपाल ने बनवाया था।
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(a) शिवालिक पर्वत: यह राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का केवल 1.67% हिस्सा कवर करता है।
(b) रेगिस्तान: यह दक्षिण-पश्चिम में राजस्थान सीमा (सिरसा, हिसार, भिवानी) तक सीमित है।
(c) अरावली पर्वतमाला: यह दक्षिण हरियाणा (गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, महेंद्रगढ़) में फैली है और राज्य का लगभग 3.09% हिस्सा घेरती है।
(d) घग्घर यमुना मैदानी प्रदेश: यह हरियाणा का सबसे बड़ा भू-भाग है। यह राज्य के कुल क्षेत्रफल का 93.76% हिस्सा है। इसे जलोढ़ मैदान भी कहा जाता है, जो अत्यधिक उपजाऊ है।
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(a) खादर: यह नदियों (विशेषकर यमुना) द्वारा लाई गई 'नवीन जलोढ़ मिट्टी' से बना निचला मैदान है। यहाँ बाढ़ का पानी आसानी से पहुंचता है।
(b) बांगर: यह 'पुरानी जलोढ़ मिट्टी' से बना अपेक्षाकृत ऊँचा मैदानी भाग है जहाँ बाढ़ का पानी नहीं पहुँच पाता। पश्चिमी हरियाणा में (राजस्थान से सटे क्षेत्रों में) जो ऊँचे रेतीले टीले पाए जाते हैं, उन्हें भौगोलिक रूप से इसी बांगर क्षेत्र का हिस्सा माना जाता है।
(c) घर: कालका और नारायणगढ़ तहसील में गिरिपाद (Piedmont) मैदानों को स्थानीय भाषा में 'घर' कहा जाता है। यहाँ पानी के कारण गहरे गड्ढे बन जाते हैं जिन्हें 'चो' कहते हैं।
(d) डाबर: हरियाणा के निचले और दलदली इलाकों को (जैसे रोहतक, सिरसा का अनकाई दलदल) डाबर कहा जाता है।
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(a) इंडिका: यह पुस्तक यूनानी राजदूत 'मेगस्थनीज' द्वारा लिखी गई थी, जिसमें मौर्यकालीन भारतीय समाज का वर्णन है।
(b) अर्थशास्त्र: यह प्राचीन भारतीय राजनीति और प्रशासन पर 'चाणक्य (कौटिल्य)' द्वारा रचित महान ग्रंथ है।
(c) गोल: यह मेजर ध्यानचंद की आत्मकथा का नाम है, इसका हरियाणा की झीलों से कोई संबंध नहीं है।
(d) किताब-उल-हिंद: महमूद गजनवी के साथ भारत आए प्रसिद्ध इतिहासकार 'अलबरूनी' ने अपनी इस पुस्तक में कुरुक्षेत्र के पवित्र ब्रह्मसरोवर का विस्तृत वर्णन किया है।
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(a) ब्रह्मसरोवर: कुरुक्षेत्र में स्थित यह एशिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित पक्का सरोवर है। मान्यता है कि इसका निर्माण स्वयं भगवान ब्रह्मा जी ने करवाया था। सूर्य ग्रहण के समय यहाँ स्नान का विशेष महत्व है।
(b) ज्योतिसर सरोवर: यह कुरुक्षेत्र का वह पवित्र स्थल है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने बरगद के पेड़ के नीचे अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था।
(c) सन्निहित सरोवर: इसे कुरुक्षेत्र में सात पवित्र नदियों का संगम माना जाता है। यह भगवान विष्णु का स्थायी निवास स्थल माना जाता है और अमावस्या के दिन यहाँ स्नान का महत्व है।
(d) पुष्कर सरोवर: यह राजस्थान के अजमेर जिले में है, जहाँ ब्रह्मा जी का एकमात्र प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर स्थित है।
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(a) दो: हरियाणा में 14 अगस्त 2021 को दो स्थानों को अंतर्राष्ट्रीय 'रामसर साइट' (Ramsar Convention) का दर्जा दिया गया था। ये दो स्थान हैं - सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान (गुरुग्राम) और भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य (झज्जर)।
(b), (c), (d): हरियाणा में वर्तमान में केवल 2 ही मान्यता प्राप्त रामसर साइट्स हैं, अतः अन्य विकल्प गलत हैं। हालांकि राज्य में कुल 1441 छोटी-बड़ी आर्द्रभूमियां (Wetlands) चिन्हित की गई हैं।
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(a) रेवाड़ी: इसकी सीमा मुख्य रूप से दक्षिण में राजस्थान (अलवर जिले) के साथ लगती है।
(b) यमुनानगर: यह हरियाणा का एकमात्र जिला है जो 3 राज्यों को छूता है। इसकी सीमा उत्तर में हिमाचल प्रदेश, पूर्व में उत्तराखंड (केवल 11 किमी की सबसे छोटी सीमा) और दक्षिण-पूर्व में उत्तर प्रदेश (सहारनपुर) से लगती है।
(c) झज्जर: यह हरियाणा के मध्य भाग में है। इसकी सीमा किसी राज्य से नहीं बल्कि केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली से लगती है।
(d) पंचकुला: इसकी सीमा 2 राज्यों (हिमाचल प्रदेश और पंजाब) और 1 केंद्र शासित प्रदेश (चंडीगढ़) से लगती है।
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(a) नारनौल: ढोसी की पहाड़ियाँ महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल (कुलताजपुर गाँव के निकट) में स्थित हैं। यहाँ अरावली की हरियाणा में सबसे ऊँची चोटी (652 मीटर) है। यह महान च्यवन ऋषि की तपोस्थली है।
(b) मेवात (नूंह): यहाँ अरावली की पहाड़ियाँ बहुतायत में हैं (जैसे इंदौरी पहाड़ी), लेकिन ढोसी पहाड़ी यहाँ नहीं है।
(c) पलवल: पलवल मुख्य रूप से मैदानी इलाका है जहाँ यमुना नदी का विस्तार है। यहाँ अरावली शृंखला का प्रभाव ना के बराबर है।
(d) फरीदाबाद: यहाँ अरावली की बड़खल और सूरजकुंड जैसी पहाड़ियाँ हैं, लेकिन ढोसी महेंद्रगढ़ में है।
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(a) भिंडावास: झज्जर जिले में स्थित यह हरियाणा की सबसे बड़ी प्राकृतिक आर्द्रभूमि है। यह अपने 250 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों और सुंदर झील के लिए प्रसिद्ध है। इसे 2009 में पक्षी अभयारण्य बनाया गया था।
(b) ब्रह्म सरोवर: यह कुरुक्षेत्र में एक धार्मिक पक्का सरोवर है, इसे प्राकृतिक आर्द्रभूमि (Wetland) की श्रेणी में नहीं गिना जाता।
(c) सूरजकुंड: फरीदाबाद में स्थित यह 10वीं सदी में तोमर राजा सूरजमल द्वारा बनवाया गया एक ऐतिहासिक सूर्य कुंड है।
(d) बड़खल: यह फरीदाबाद में 1947 में सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए बनाई गई एक मानव निर्मित झील है।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) मारकंडा: इसका उद्गम हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में धरतीधर पहाड़ियों (शिवालिक रेंज) से होता है।
(b) दोहन: यह नदी दक्षिण हरियाणा की नदी है। इसका उद्गम राजस्थान के सीकर जिले (नीम का थाना) में अरावली की पहाड़ियों से होता है। इसका शिवालिक से कोई संबंध नहीं है।
(c) टांगरी: इसका उद्गम हरियाणा में ही पंचकूला की मोरनी हिल्स (शिवालिक का हिस्सा) से होता है।
(d) घग्घर: यह नदी हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के डागशाई नामक स्थान से शिवालिक की पहाड़ियों से निकलती है।
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(a) सेनिसा झील: मारकंडा नदी कुरुक्षेत्र के पेहोवा के पास 'अरुणाय' नामक गाँव के निकट सेनिसा (सनिसा) झील में अपना अधिकांश पानी गिराती है, जहाँ यह प्राचीन सरस्वती नदी के मार्ग में मिल जाती थी।
(b) ओटू झील: यह सिरसा जिले में घग्घर-हकरा नदी पर स्थित है। मारकंडा नदी का यहाँ तक विस्तार नहीं है।
(c) सरसुती: यह सरस्वती नदी का ही अपभ्रंश नाम है, लेकिन मिलन स्थल का सटीक भौगोलिक नाम सेनिसा झील है।
(d) चौटांग नहर: चौटांग (प्राचीन दृषद्वती नदी) एक अलग नदी थी जो शिवालिक से निकलकर भद्रा (राजस्थान) तक जाती थी। सिस्वाल सभ्यता इसी के किनारे बसी थी।
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(a) यमुना: यह नदी उत्तराखंड के बंदरपूंछ ग्लेशियर (यमुनोत्री) से निकलती है और हरियाणा में यमुनानगर जिले के 'ताजेवाला' (कालेसर राष्ट्रीय उद्यान के पास) से प्रवेश करती है। यह राज्य की एकमात्र बारहमासी नदी है।
(b) सरस्वती: इसका प्रवेश स्थान यमुनानगर का ही 'आदिबद्री' नामक स्थान माना जाता है, कालेसर नहीं।
(c) थापना: यह यमुनानगर में स्थित स्वच्छ पानी की एक छोटी स्थानीय नदी/झील है जो प्राकृतिक रूप से भूजल से बनती है।
(d) घग्घर: यह नदी पंचकूला के 'कालका' नामक स्थान से हरियाणा में प्रवेश करती है।
Topic 5: भौगोलिक परिचय एवं अपवाह तंत्र (Part 2)
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) पंचकुला: यह उत्तर-पूर्व में है और यहाँ शिवालिक की पहाड़ियाँ (जैसे मोरनी हिल्स) पाई जाती हैं।
(b) अंबाला: यहाँ शिवालिक और मैदानी भाग का संगम है, अरावली का यहाँ कोई अस्तित्व नहीं है।
(c) गुरुग्राम: गुरुग्राम और इसके आस-पास के दक्षिणी हरियाणा (फरीदाबाद, नूंह) में अरावली पर्वतमाला का मुख्य विस्तार है। गुरुग्राम राज्य का दूसरा बड़ा शहर और औद्योगिक केंद्र है।
(d) हिसार: यह पश्चिमी हरियाणा का मैदानी और रेतीला इलाका है।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) चंडीगढ़: चंडीगढ़ हरियाणा के उत्तर में स्थित है और यहाँ कोई बड़ी नदी सीमा नहीं बनाती।
(b) पंजाब: पंजाब हरियाणा के उत्तर-पश्चिम में है। यहाँ घग्घर नदी कुछ हिस्सों में प्राकृतिक सीमा बनाती है।
(c) उत्तर प्रदेश: यमुना नदी हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच लगभग 320 किलोमीटर लंबी प्राकृतिक सीमा (पूर्वी सीमा) का निर्माण करती है। यह करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल होते हुए बहती है।
(d) राजस्थान: यह हरियाणा के दक्षिण और पश्चिम में है।
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(a) ओटू: यह सिरसा जिले में घग्घर-हकरा नदी पर बना बैराज है।
(b) कौशल्या: यह पंचकूला में पिंजौर के पास कौशल्या नदी (घग्घर की सहायक) पर बना बाँध है।
(c) ओखला: ओखला बैराज 1874 में दिल्ली के पास यमुना नदी पर बनाया गया था। इसी से आगरा नहर निकाली गई है जो फरीदाबाद और पलवल में सिंचाई करती है।
(d) मसानी: यह रेवाड़ी जिले में साहिबी नदी पर स्थित है।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) दोहन: यह दक्षिण हरियाणा की बरसाती नदी है जो महेंद्रगढ़ के पास विलुप्त हो जाती है।
(b) यमुना: हनुमान चट्टी समुद्र तल से लगभग 2400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहीं पर हनुमान गंगा और यमुना नदी का संगम होता है।
(c) कृष्णावती: यह भी अरावली क्षेत्र की एक मौसमी नदी है।
(d) मार्कण्डेय: यह शिवालिक से निकलने वाली नदी है जो अंबाला और कुरुक्षेत्र में बहती है।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) सरस्वती: इसका प्राचीन उद्गम शिवालिक की पहाड़ियों से माना जाता है।
(b) दोहन: इसका उद्गम नीम का थाना (राजस्थान) की पहाड़ियों से होता है।
(c) यमुना: यह नदी उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में बंदरपूंछ चोटी के पश्चिमी ढाल पर स्थित 'चंपासर ग्लेशियर' (यमुनोत्री) से निकलती है।
(d) सोम्ब: यह यमुना की एक सहायक नदी है जिस पर पथराला बैराज बना है।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) करनाल: इसकी सीमा उत्तर प्रदेश से लगती है।
(b) भिवानी: यह राजस्थान के साथ सीमा बनाता है।
(c) चरखी दादरी: हरियाणा में रोहतक और चरखी दादरी (22वाँ जिला) केवल दो ऐसे 'लैंडलॉक' (Landlocked) जिले हैं, जिनकी सीमा किसी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश को नहीं छूती।
(d) झज्जर: इसकी सीमा दिल्ली (केंद्र शासित प्रदेश) से लगती है।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a), (b), (d): ये विकल्प गलत हैं।
(c) एक भी नहीं: हरियाणा राज्य में केवल एक ही बारहमासी (सदाबहार) नदी है और वह 'यमुना' है। यमुना पंचकूला से नहीं बहती। पंचकूला में घग्घर और कौशल्या जैसी नदियां बहती हैं जो केवल मौसमी/बरसाती (Seasonal) हैं।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) बेट/खादर: खादर यमुना नदी द्वारा बनाए गए नवीन जलोढ़ मैदानों को कहते हैं।
(b) बेट/नैली: मार्कंडा नदी द्वारा बनाए गए बाढ़ के मैदानों को 'बेट' कहा जाता है। जबकि घग्घर नदी द्वारा बनाए गए बाढ़ के मैदान (विशेषकर सिरसा और फतेहाबाद क्षेत्र में) 'नैली' कहलाते हैं।
(c) नैली/बांगर: बांगर पुराने जलोढ़ मैदान हैं।
(d) डाकर/बांगर: डाकर भारी मिट्टी को कहा जाता है।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) रेतीला रेगिस्तान: यह राज्य के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में है।
(b) पथरीली मिट्टी: यह अरावली या शिवालिक के गिरिपाद (Piedmont) क्षेत्रों में पाई जाती है।
(c) डेल्टा: हरियाणा की नदियाँ समुद्र में नहीं गिरतीं, अतः यहाँ कोई डेल्टा नहीं बनता।
(d) संकीर्ण निचले इलाकों में बने बाढ़ के मैदान: खादर यमुना नदी का और नैली घग्घर नदी का संकीर्ण बाढ़ का मैदान है, जहाँ प्रतिवर्ष नदियों का पानी नई उपजाऊ मिट्टी लाकर बिछा देता है।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) मार्कण्डा: यह अंबाला/कुरुक्षेत्र की तरफ बहती है।
(b) घग्घर: टिपरा की पहाड़ियाँ घग्घर नदी के उत्तर में स्थित हैं। वास्तव में, घग्घर नदी ही टिपरा की पहाड़ियों को मोरनी की पहाड़ियों (पंचकूला) से अलग करने का काम करती है।
(c) यमुना: यह राज्य के पूर्वी छोर पर है।
(d) सरस्वती: यह विलुप्तप्राय नदी है जिसका संबंध आदिबद्री और पेहोवा से है।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) हिसार: यहाँ ब्लू बर्ड और ब्लैक बर्ड झीलें हैं।
(b) पंचकुला: यहाँ टिकरताल (मोरनी) है।
(c) चण्डीगढ़: 1958 में प्रसिद्ध फ्रांसीसी आर्किटेक्ट 'ली कॉर्बूजियर' और पी.एल. वर्मा के सहयोग से चंडीगढ़ में शिवालिक की तलहटी में 'सुखना झील' (Sukhna Lake) का निर्माण करवाया गया था।
(d) रोहतक: यहाँ प्रसिद्ध तिलियार झील स्थित है।
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(a) 1978: यह गलत विकल्प है।
(b) 1988: चंडीगढ़ की सुखना झील को वर्ष 1988 में राष्ट्रीय आर्द्रभूमि (National Wetland) का दर्जा प्रदान किया गया था। वर्ष 2020 में इसे 'जीवित व्यक्ति' (Living Entity) का दर्जा भी दिया गया है।
(c) 1990: भिंडावास को इस दौरान वन्यजीव अभ्यारण्य बनाया गया था।
(d) 2018: यह भी गलत विकल्प है।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) दोहन: यह महेंद्रगढ़ (हरियाणा) की एक मौसमी नदी है।
(b) साहिबी: यह रेवाड़ी, गुरुग्राम, झज्जर होते हुए दिल्ली के नजफगढ़ नाले में गिरती है।
(c) घग्घर: यह पंचकूला, अंबाला, कैथल, फतेहाबाद और सिरसा से होकर बहने वाली प्रमुख मौसमी नदी है।
(d) महानदी: महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ के रायपुर के पास सिहावा पहाड़ी से होता है और यह ओडिशा में बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है। इसका हरियाणा से कोई संबंध नहीं है।
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(a) अनंगपुर डैम: यह फरीदाबाद में है और 8वीं सदी का है।
(b) ताजेवाला डैम: 1873 में यमुनानगर में यमुना नदी पर ताजेवाला बैराज बनाया गया था। इसके पुराना हो जाने के कारण, 1996 से 1999 के बीच इसके ठीक पास 'हथिनीकुंड बैराज' का निर्माण किया गया, जिसे अब मछुआरों का स्वर्ग भी कहा जाता है।
(c) ओटू बैराज: यह सिरसा में घग्घर नदी पर है।
(d) इनमें से कोई नहीं: विकल्प (b) सही है।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) मार्कण्डा: इस पर जलभेरा बैराज (कुरुक्षेत्र) बना हुआ है।
(b) टांगरी: यह अंबाला कैंट के पास मार्कंडा में मिल जाती है।
(c) सोम्ब: यमुनानगर जिले में दादूपुर के पास सोम्ब नदी (यमुना की सहायक) पर 1875-76 में पथराला बैराज (जिसे चैक डैम भी कहते हैं) बनाया गया था।
(d) साहिबी: इस पर रेवाड़ी में मसानी बैराज है।
उत्तर और विस्तृत व्याख्या देखें
(a) पूर्व: पूर्वी भाग में यमुना का खादर मैदान है।
(b) पश्चिम: पश्चिमी भाग में बालू के टीले और थार मरुस्थल का प्रभाव है।
(c) उत्तर: उत्तरी भाग में शिवालिक पर्वतमाला (पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर) है।
(d) दक्षिण: अरावली पर्वतमाला राज्य के दक्षिणी भाग (गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नूंह) में स्थित है। मेवात क्षेत्र में इसे 'मेवाती पहाड़ियाँ' भी कहा जाता है।

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