🌾✨ टॉपिक 9️⃣ : हरियाणवी पारंपरिक शब्द, लोकोक्तियाँ और मुहावरे ✨🌾
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- ओरना – बिजाई के काम आने वाला बांस से बना उपकरण
- कजावा – ऊँट की पीठ पर सामान रखने का ढाँचा
- कड़बी – बाजरे/ज्वार के पौधों का भूसा
- कढावणी – दूध गर्म करने का मटका
- कसार / पंजीरी – आटे को भूनकर मीठा मिलाकर बनाया गया व्यंजन
- कहोड – कुएँ से पानी निकालने की लकड़ी
- कुंडा – आटा गूँथने का मिट्टी का पात्र
- कुलड़ा – पानी या लस्सी के लिए छोटा मटका
- कुस/फाल – हल में लगने वाला लोहे का हिस्सा
✨ हरियाणवी लोकोक्तियाँ और उनके अर्थ
- गां की भैंस की तलै, भैंस की गां तलै – कठिन हालात में भी गुज़ारा करना
- दूध की रखवाली बिल्ली – बेईमान को ज़िम्मेदारी देना
- नेक्की नौ कोस, बदी सौ कोस – अच्छाई की तुलना में बुराई जल्दी फैलती है
- आपणा होक्का, आपणी मरोड़ – सम्पन्नता होने पर स्वाभिमान
- आपै मारे बिना स्वर्ग किस्नै देख्या – दूसरों के भरोसे सफलता नहीं
🌱 हरियाणवी मुहावरे और अर्थ
- अक्कल के पाछै लठ ले कै पड़ना – मूर्खता करना
- घर का खोद्या पानी पीना – आत्मनिर्भर होना
- गंगाजल ठाणा – कसम खाना
- थूक कै चाटना – बात से मुकर जाना
- खुरी खोदना – बल प्रदर्शन करना
- जड़ पाडना – समूल नाश करना
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🙏 धन्यवाद! आगामी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएँ! 🌱📚
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